डॉ. के महेश्वर रेड्डी
डॉ. के महेश्वर रेड्डी
निदेशक, रक्षा वैमानिकी अनुसंधान स्थापना (डीएआरई)

डॉ. के महेश्वर रेड्डी, प्रतिष्ठित वैज्ञानिक ने 9 अक्टूबर 2015 को निदेशक, रक्षा वैमानिकी अनुसंधान स्थापना (डीएआरई) बेंगलुरू का पदभार संभाला। इन्होंने एसवी यूनिवर्सिटी, तिरूपति से 1983 में बी.टेक, आईआईटी, दिल्ली से 1985 में एम.टेक किया और डीआरडीओ से जुड़ गए। इन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरू से 1998 में सिग्नल प्रोसेसिंग के क्षेत्र में पीएचडी की।

इन्होंने दिसंबर 1985 में एलआरडीई में शामिल हुए और वायुसेना के रडार के लिए अव्यवस्था की अस्वीकृति की अधिकतम सिग्नल प्रोसेसिंग स्कीम डिजाइन करने के क्षेत्र में काम किया। ये 1988 में सीएएसएसए में शामिल हुए और भिन्न-भिन्न रडार, ईड्ब्ल्यू और मिसाइल से संबंधित डिज़ाइन समझौताकारी तालमेल और कार्यप्रदर्शन विश्लेषण अध्ययन के लिए प्रतिरूपण और सिमुलेशन के क्षेत्र में काम किया। ये एकाधिक इमिटर परिदृश्य के अंतर्गत 3डी डिजिटल भूभाग मानचित्रण पर विचार कर एडी रडार के ईसीएम आक्रमण लक्ष्य योजना और स्थल स्थान और ईडब्ल्यू प्रणालियों के आकलन के लिए सेनाओं और अन्य एजेंसियों के द्वारा उपयोग किए जा रहे कई प्रतिरूपण और सिमुलेशन सॉफ़्टवेयर विकास करने के लिए उत्तरदायी रहे हैं।

ये 2003 में डीएआरई में शामिल हुए और कई प्रकार की रडार चेतावनी और मिसाइल चेतावनी और जैम्निग प्रणालियों को विकास करने के लिए उत्तरदायी रहे हैं। इनकी देखरेख में तैयार की गई ईडब्ल्यू प्रणालियों का वर्तमान समय में उत्पादन जारी है और भारतीय वायु सेना, जल सेना और थल सेना के कई जहाजों में लगाए गए हैं और कार्य कर रहे हैं। इन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में कई प्रौद्योगिकी पत्र प्रकाशित किए हैं। इन्हें तरंग आरडब्ल्यूआर और इसके विभिन्न प्रकार विकास करने के लिए वर्ष 2007 में डीआरडीओ का उत्कृष्ट कार्यप्रदर्शन पुरस्कार, 2009 में आर118 आरडब्ल्यूआर के विकास के लिए डीआरडीओ का उत्कृष्ट कार्यप्रदर्शन पुरस्कार और 2010 में डीआरडीओ वर्ष के वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

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