संपर्क
मुख्य पृष्ठ > डीटीआरएल> उपलब्धियाँ

उपलब्धियां

  • सीमा-पार क्षेत्रों के लिए तापीय और भूभौगोलिक डाटा उत्पाद जनन हेतु उपग्रह चित्रों के उपयोग द्वारा संसाधन का इष्टतमीकरण

  • भिन्न रक्षा परिदृश्यों के अंतर्गत रणनीतिक बोध हेतु बाढ़ प्रतिदर्शन का अंकीय विश्लेषण

  • भूआकाशीय विश्लेषण तथा चाक्षुषीकरण हेतु “स्थिति जानकारी और विश्लेषण प्रणाली (एसएएएस)” नामक लाइसेन्स-मुक्त, कम-भार, उपयोग हेतु आसान सॉफ्टवेयर (भूआकाशीय डाटा के संबंध में अंकीयकरण, दर्शन, सम्पादन और आकाशीय विश्लेषण) का विकास

  • डीएसएम अनुकूल भूआकाशीय संसूचना का जनन (जिओआईएनटी

  • पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भूभाग विश्लेषण और 3डी चाक्षुषीकरण द्वारा रणनीतिक योजना हेतु थार मरूस्थल की उच्च गति भूआकाशीय आधारसंरचना)

  • क्षेत्र विश्लेषण, यातायात संभाव्यता मानचित्रों तथा भूभाग सूचना प्रतिवेदनों (टीआईआर) और भूभाग अभिलक्षण प्रतिवेदनों (टीआईसीआर) सहित

  • लक्ष्य की पहचान, मानव-निर्मित और प्राकृतिक लक्ष्यांे के विभेदीकरण हेतु आकाशीय तापीय प्रतिबिम्बन

  • भूस्खलन अध्ययन - तांगनी भूस्खलन स्थल से संवेदी डाटा नामतः दाबमापी, प्रवणतामापी, वृष्टिमापी तथा तार विस्तारमापी का वास्तविक समय अर्जन तथा पुनप्र्राप्ति, डीटीआरएल के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली के विकास हेतु

  • भूभाग के संदर्भ में अंतः स्यंदन संवेदनशील क्षेत्र अध्ययन

  • भारत में पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए यंत्रोपकरणों के विकास तथा भूस्खलनों के मानीटरन हेतु डीटीआरएल तथा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के बीच सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।


    डीटीआरएल तथा जीएसआई के बीच एमओयू
  • विश्वविद्यालयों तथा राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं द्वारा उनमें प्रत्येक के पास उपलब्ध सुविधाओं तथा विशेषज्ञता को साझा कर परस्पर कार्यात्मक संबंधों के अन्वेषण, विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु डीटीआरएल तथा जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के बीच सहमति ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। हस्ताक्षर समारोह 01 अगस्त, 2015 को जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर में आयोजित किया गया।


    डीटीआरएल तथा जीवाजी विश्वविद्यालय के बीच एमओय

 

.
.
.
.
Top