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उत्पाद और प्रौद्योगिकी

सीएआईआर ने रक्षा और सिविलियन क्षेत्र दोनों के लिए अनेक प्रौद्योगिकी समाधान/उत्पाद विकसित किए हैं। इनमें कुछ उत्पाद हैं:

रक्षा सेक्टर हेतु उत्पाद

  • रेडियो ट्रंक प्रणाली (आरटीएस) - ग्रिड संचार नेटवर्क में डुप्लेक्स चैनलों पर छह ट्रंक लाइनों का विस्तार उपलब्ध कराने के लिए एक पूर्ण डुप्लेक्स, सचल रेडियो टेलीफोन प्रणाली। आरटीएस में रेडियो ट्रंक सेंट्रल (आरटीसी) होता है, जो रेडियो एक्सचेंज के रूप में काम करता है तथा रेडियो ट्रंक एक्सटेंशन्स (आरटीई) होते हैं जो सचल अंशदाताओं के रूप में काम करते हैं।
  • रेडियो स्थानिक प्रणाली (आरएलएस) - किसी दुर्गम रेडियो स्थानिक विस्तार (आरएलई) में टाइडेक्स अथवा किसी फील्ड स्वचलित एक्सचेंज की सुविधाएं प्रदान करने के लिए, जहां टेलीफोन केबल्स बिछाना (किसी नदी, पहाड़ी भूभाग इत्यादि में) या कि संचार व्यवस्था अल्प समय में उपलब्ध कराई जानी है।
  • तोपखाना युद्धक कमान और नियंत्रण प्रणाली (एसीसीसीएस) - प्रक्षेपपथ संगणन तथा गोपनीयता के साथ संचार के क्षेत्रों में युद्ध तोपखाने के स्वचलन हेतु।
  • स्वचलित इलेक्ट्रॉनिक स्विच (एईएस) - वॉयस, टेलीप्रिंटर और डेटा हेतु स्वचलित ट्रंक स्विचन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए। यह एक स्टोर्ड प्रोग्राम ट्रंक एक्सचेंज होता है, जिसका उपयोग एरिया ग्रिड सामरिक संचार नेटवर्क में नोड स्विच के रूप में किया जाता है, जो स्वचलित, तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय संचार उपलब्ध कराता है।
  • टाइम डिवीजन मल्टीप्लेक्स एक्सचेंज (टाइडेक्स) - एक ऑल डिजिटल एक्सचेंज , जो एक सचल स्वचलित टेलीफोन एक्सचेंज के रूप में काम करता है, आर्मी रेडियो इंजीनियर्ड नेटवर्क (एआरईएन) पर काम करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। यह सब्सक्राइबर, ग्रिड ट्रंक्स तथा यूनिवर्सल जंक्शन के लिए स्वचलित स्विचन उपलब्ध कराता है।
  • डेटा संकेंद्रक (डीसी) - एआरईएन ग्रिड की डेटा संचार क्षमता वृद्धि के लिए, डेटा कॉल्स के लिए एआरईएन-एएससीओएन एकीकरण उपलब्ध कराने के लिए, एआरईएन-एएससीओएन नेटवर्क्स के पृथक्करण में डेटा संचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए।
  • डिजिटल ट्रंक यूनिट (डीटीयू) - एआरईएन संचार नेटवर्क के ट्रंक एक्सचेंज एईएस हेतु लोकल एक्सचेंज टाइडेक्स के वॉयस ट्रंक्स के लिए डिजिटल इंटरफेस उपलब्ध कराता है।
  • कमान सूचना और निर्णय सहायता प्रणाली (सीआईडीएसएस) - सामरिक डेटा का भंडारण, पुनरप्राप्ति, प्रोसेसिंग (निस्यंदन, सहसंबंधन, मिश्रण) और दृश्यांकन सुसाध्य बनाता है तथा कमांडरों को प्रभावशाली निर्णय सहायता उपलब्ध कराता है।
  • बेतार संदेश अंतरण यूनिट (डब्ल्यूएमटीयू) - गतिमान कमांडरों को संचार नेटवर्क तक पहुंच उपलब्ध कराता है। यह प्रगतिशील प्रतिबिम्ब पारेषण (पीआईटी) के लिए भी उपयोगी सिद्ध हुआ है।
  • वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग प्रणाली (एडीसी एवं आरएस) - समस्त आकाशीय लक्ष्यों का पता लगाना और समस्त आयुध प्रणालियों के प्रभावशाली एकीकरण द्वारा भेद्य क्षेत्र/भेद्य बिंदु (वीए/वीपी) से आशंका दूर कर मिटा देने के लिए।
    • युद्धक्षेत्र प्रबंधन प्रणाली (बीएमएस) - बटालियन/रेजीमेंट के भीतर सभी स्तरों पर कमांडरों को स्थितिगत जागरूकता और नेट केंद्रित परिचालन क्षमता उपलब्ध कराने के लिए।
    • आरएफ, बेतार संचार और कम्प्यूटरों के लिए सुरक्षा समाधान।
    • हल्के लड़ाकू विमानों (तेजस) के संयुक्त हिस्सों के लिए गैर-विध्वंसक परीक्षण हेतु रोबो

    विकासाधीन उत्पाद

    • इंडीजिस 2डी/3डी - एक स्वदेशी भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) क्रोड जो आकाशीय-अल्पकालिक डेटा संबंधी प्रदर्शन, विश्लेषण और निर्णय सहायता के विकास हेतु मंच उपलब्ध कराता है। यह आकाश में बिखरी वस्तुओं का दृश्यांकन तथा मापन में सहायता करता है।
    • भू-प्रवेशद्वार - आकाशीय डेटा प्रारूप परिवर्तन के लिए।
    • आईवीपी_एनसीओ तथा आईपी लिब - प्रतिबिम्ब तथा दृश्य प्रक्रमण अनुप्रयोगों का एक व्यापक सूट जो नेट केंद्रित परिचालन के संदर्भ में प्रतिबिम्ब तथा दृश्य प्रक्रमण हेतु एक एकीकृत समाधान प्रस्तुत करता है। यह सूट विभाजित तैनाती के लिए अभिप्रेत है। इसके अनुप्रयोग सीएआईआर द्वारा अंतः-गृह विकसित प्रतिबिम्ब प्रक्रमण पुस्तकालयों (आईपीलिब) के सेट पर आधारित है।
    • नेट केंद्रित परिचालन हेतु एआई तकनीकें (एआईएनसीओ) - ज्ञान आधार, अर्थगत सूचना प्राप्ति और संचालन, अनुमिति तर्क और घटना संबंधन के लिए प्रौद्योगिकियों का सूट।
    • ज्ञान संसाधन और आसूचना निर्णय विश्लेषण (केआरआईडीए) - एक प्रणाली, जिसका लक्ष्य व्यापक ज्ञान आधार और डेटा संचालन के उपयोग द्वारा बड़े पैमाने पर सैन्य संचलन का प्रबंधन करना होता है।
    • आसूचना और संचार प्रौ़द्योगिकी (आईसीटी) - भावी थलसैनिक प्रणालियों के लिए।
    • स्वदेशी नेटवर्क प्रबंधन प्रणाली (आईएनएमएस) - आईपी नेटवर्क प्रबंधन के लिए संसाधन योजना, नेटवर्क योजना और नेटवर्क मानीटरन साधनों से युक्त एक स्वदेशी एनएमएस।
    • एस57 दर्शक - 1 लाख से अधिक पथ देखने के लिए

    नीचे सूचीबद्ध किए गए विभिन्न निगरानी/टोही अनुप्रयोगों हेतु एक पूरा रोबो परिवार विकसित किया गया हैः

      • रोबोसेन - सशस्त्र बलों, अर्द्धसैनिक अभिकरणों तथा पुलिस के लिए गश्त, रेकी तथा निगरानी अनुप्रयोगों के उद्देश्य वाली एक सचल रोबो प्रणाली। इसमें बाधा से बचने की क्षमता और सतत वीडियो भरण के साथ अर्द्ध-संरचित पर्यावरण में स्वचलित मार्गदर्शन की क्षमता मौजूद है।
      • लघु मानवरहित भू वाहन (यूजीवी) - न्यून-तीव्रता के संघर्षों और शहरी परिदृश्य में निगरानी के लिए एक सुदृढ़ मानवरहित वहनीय रोबोटिक प्रणाली।
      • संभारतंत्र सहायता के लिए चार और छह टांगों वाले चलनशील रोबो
      • दीवार पर चढ़ने तथा पंख फड़फड़ाने वाले रोबो - न्यून-तीव्रता के युद्ध (एलआईसी) परिचालन में उपयोग की संभावनायुक्त

       सिविलियन सेक्टर हेतु उत्पाद::

      • सीएआईआर_आईसीआर, हस्तलिखित प्रविष्टियों वाले आवेदन पत्रों के स्वचलित प्रक्रमण हेतु बुद्धिमान वर्णांक पहचान प्रणाली।
      • शारीरिक बाधाग्रस्त व्यक्तियों के लिए इंटेलीजेंट व्हील चेयर - कम लागत की अर्द्ध स्वचलित मोटरयुक्त व्हील चेयर।
      • वीआर तथा हैप्टिक्स पर आधारित अंतःदर्शी शल्य प्रशिक्षक आधारित अनुरूपक।
      • वरणात्मक अनुसारी असेम्बली रोबो भुजा अथवा वरणात्मक अनुसारी संधियुक्त रोबो भुजा (एससीएआरए) - शैक्षिक संस्थाओं हेतु। डिजाइन का फोकस कम लागत विनिर्माण बहुविधि सक्रियन प्रौद्योगिकियां, सुरक्षा और एक मुक्त परंपरागत सर्वो लूप्स, गत्यात्मक गणनाओं तथा प्रक्षेपपथ जनन स्कीमों पर है ताकि छात्रों को रोबोटिक प्रणालियों के मूलभूत तत्वों को समझने में आसानी हो।
      • तप्त लोष्ट संचालन हेतु रोबो - एनएमआरएल के लिए विकसित छह अक्षीय संधियुक्त रोबोटिक प्रणाली, जो 600 डिग्री सेल्सियस तक तप्त लोष्ट को प्रेरणी भट्टी से संचक संचकन मशीन तक ले जा सके।
      • विद्युत संयंत्रों की वाष्प जनित्र नलियों के निरीक्षण हेतु रोबो।
      • सर्प रोबो - प्राकृतिक आपदाओं जैसेकि भूचाल और संकीर्ण क्षेत्रों जैसेकि पाइपों के निरीक्षण के दौरान खोज और बचाव के लिए सर्पों की चाल के विश्लेषण के अनुरूप डिजाइन किया गा एक सचल रोबों।
      • शतरंज खेलने वाला रोबो - एक मानव प्रतिद्वंद्वी की चाल के आकलन हेतु मशीनी दृष्टि के उपयोग वाली प्रणाली, सर्वश्रेष्ठ रणनीति के निर्धारण हेत एक निर्णय इंजन और एआई इंजन द्वारा किए गए निर्णय के अनुसार प्रत्यक्ष चाल चलने हेतु स्कारा रोबो भुजा।

      सीएआईआर में प्रौद्योगिकी फोकस के क्षेत्र

      सीएआईआर के उत्पाद विकास प्रयास संबंधित प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में क्रोड प्रतिस्पर्धा के सतत पोषण पर आधारित हैं।

      सूचना प्रणालियां

      व्यापक मोर्चे पर सेना और उसके साजोसामान का तेज गति और उच्च स्तरीय संचलन आज के युद्धक्षेत्र की विशेषता है। इसके लिए सामरिक योजना और युद्धक्षेत्र परिचालन में जुटे कमांडरों के बीच सूचना के तीव्र अधिग्रहण, प्रकीर्णन, परितुलन और मिश्रण की जरूरत होती है। इस परिदृश्य में, विभिन्न भौगोलिक रूप से अलग स्रोतों से उत्पन्न होने वाली उच्च दर डेटा (जो पाठ, श्रव्य और दृश्य के किसी भी संयोजन को निरूपित कर सकता है) की बहु धाराओं के संसाधन की जरूरत के कारण समय संवेदी और जटिल कार्य होता है। यह परिदृश्य शांतिकाल के दौरान किए जाने वाले कार्यों के दौरान भी मौजूद होते हैं, पर संभवतः कम सख्त जरूरतों के साथ।
      कमान नियंत्रण संचार और आसूचना (सी3आई) प्रणाली जिसमें कमांडरों द्वारा सही समय पर तथा इष्टतम निर्णय के लिए व्यापक स्थिति जागरूकता सुसाध्य बनाने के लिए समर क्षेत्र में नेटवर्क से जुड़े कम्प्यूटर मौजूद होते हैं।
      सीएआईआर ने भारतीय थलसेना की भिन्न शाखाओं के लिए सी3आई प्रणाली की एक पूरी श्रृंखला विकसित की है।

      संचार और नेटवर्किंग

      सीएआईआर भारतीय सेना के लिए भविष्य के सामरिक संचार नेटवर्क हेतु आवश्यक प्रौद्योगिकियां विकसित करने हेतु प्रयासरत है। यह प्रयोगशाला प्रयोक्ता की सहायता प्रणाली वास्तु विनिर्दिष्ट करने में तथा उनकी भावी “सामरिक संचार प्रणाली” (टीसीएस) हेतु उपप्रणाली विनिर्देशनों में कर रही है। टीसीएस के विकास हेतु एक बड़े कार्यक्रम को भारत सरकार की स्वीकृति के पूर्वानुमान के साथ प्रारंभिक अनुसंधान एवं विकास गतिविधि शुरू की जा चुकी है।

      सूचना सुरक्षा

      सूचना सुरक्षा का उद्देश्य कम्प्यूटरों में रखे और नेटवर्कों पर संचारित डेटा की गोपनीयता और सत्यता सुरक्षित करना होता है।
      सीएआईआर इस क्षेत्र में निम्नलिखित पर काम कर रही है:
      सूचना सुरक्षा, प्रमाणन (वाणी जैवमिति सहित), नेटवर्क पहुंच नियंत्रण, आवागमन विश्लेषण और नेटवर्क घुसपैठ खोज प्रणालियां (आईडीएस)।
      सीएआईआर न उपरोक्त क्षेत्रों में अनेक विशिष्ट उत्पाद/समाधान विकसित किए हैं और भिन्न प्रयोक्ता समुदायों को सफलतापूर्वक प्रदान किए हैं। इनमें उच्च गति आवागमन विश्लेषण सॉफ्टवेयर, सुरक्षित ई-मेल, सूचना सुरक्षा प्रवेशद्वार, आईपी सुरक्षा, नेटवर्क और मेजबान घुसपैठ खोजी प्रणालियां, ऑन-लाइन डिस्क एन्क्रिप्शन (सुरक्षित भंडारण), स्मार्ट कार्ड आधारित प्रमाणन, मल्टी लेयर नेटवर्क फायरवाल, व्यक्तिगत (मेजबान) फायरवाल, इत्यादि सम्मिलित हैं।

      संचार सुरक्षा

      सीएआईआर ने टेलीफोन लाइनों, आईपी नेटवर्क्स, रेडियो लिंक्स, उपग्रह टर्मिनलों, फ्रेम रिले नेटवर्क्सै, फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क्स इत्यादि पर प्रेषित किए जा सकने वाले वाणी, फैक्स या डेटा की सुरक्षा हेतु संचार सुरक्षा प्रणालियों की एक व्यापक श्रृंखला का विकास किया है। ये प्रणालियां न्यूनतम गोपनीयता और ओवरहेड्स के साथ वायर-लाइन गति पर एन्क्रिप्ट करते हुए पारंपरिक हार्डवेयर प्लेटफार्म्स पर निर्मित हैं।

      आसूचना प्रणालियां

      सीएआईआर में आसूचना प्रणाली प्रौद्योगिकियांे के विकास से कृत्रिम आसूचना (एआई) एवं तंत्रिका नेटवर्क्स (एनएन), कम्प्यूटर विजन (सीवी), संकेत प्रक्रमण, रोबोटिक विज्ञान और आभासी वास्तविकता के क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी प्रगति के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में सहायक होती है।

      कृत्रिम आसूचना एवं तंत्रिका नेटवर्क्स

      सीएआईआर इस समय कृत्रिम आसूचना एवं तंत्रिका नेटवर्क्स का उपयोग करने वाले अनेक डेटा खनन साधनों का विकास और डेटा खनन साधनपेटी के सृजन हेतु सॉफ्टवेयर का निर्माण कर रही है।
      वर्ल्ड वाइड वेब (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू) को अधिक मशीन नियंत्रित बनाने के लिए अर्थगत वेब एक नया प्रतिमान है, ताकि एजेंट आधारित प्रौद्योगिकियों के लिए एक आधार स्थापित किया जा सके। सूचना की बहुत बड़ी मात्रा मानवों द्वारा प्रयोग की जाने वाली भाषाओं में होने के कारण सूचना के स्वचलित प्रक्रमण हेतु प्रौद्योगिकी विकास की जरूरत उत्पन्न होती है। मानव भाषा प्रक्रमण प्रौद्योगिकी का कार्यान्वयन कॉमर्शियल ऑफ दि शेल्फ (सीओटीएस) कम्प्यूटरों के उपयोग द्वारा किया जा रहा है, जो विशाल मात्रा में मेमोरीज तथा उच्च प्रक्रमण गतियुक्त होते हैं। सीएआईआर द्वारा अबतक मानव भाषा निवेश प्रक्रमण हेतु विकसित प्रौद्योगिकियां नामतः सूचना निष्कर्षण, अ-गहन प्राकृतिक भाषा प्रक्रमण (एनएलपी), अर्थगत वेब साधन और तकनीकें तथा अर्थगत वेब हैं, जो मानव भाषाओं हेतु ज्ञान निरूपण संरचना के रूप में हैं।
      सीएआईआर द्वारा आदर्श नामक निर्णय सहायता प्रणाली कवच वास्तु विकसित की गई है, जिसमें उद्देश्योन्मुखी अवधारणाओं का उपयोग किया जाता है। यह अनेक उद्देश्य पूर्ण करती है जैसेकि आसान अनुरक्षण के लिए सुगठित और पतला कवच, सर्वसामान्य अंतरापृष्ठ, संकेत इंजनों में नई दशमलव प्रणाली समावेशन इत्यादि।

      कम्प्यूटर दर्शन

      सीएआईआर ने कम्प्यूटर दर्शन के क्षेत्र में प्रतिबिम्ब और वीडियो प्रोसेसिंग तकनीकों हेतु एक व्यापक पुस्तकालय विकसित किया है। इन तकनीकों में प्रतिबिम्ब/वीडियो वर्धन, हेरफेर, पंजीकरण, भू-कोडन, बहु-संवेदी प्रतिबिम्ब/वीडियो मिश्रण, मोजेकन, 3डी पुनरनिर्माण, प्रगामी पारेषण प्रारूप, महा-वियोजन, पृथक्करण, वीडियो दृश्यबिंदु परिवर्तन, प्रकाशिक प्रवाह, स्टीरियो से गहराई, स्टेगनोग्राफी तथा रंग, गठन और दृश्य शब्दों के उपयोग द्वारा अंतर्वस्तु लक्षण-वर्णन तकनीकें सम्मिलित हैं। इस पुस्तकालय के उपयोग द्वारा, प्रगामी प्रतिबिम्ब पारेषण, अंतर्वस्तु आधारित प्रतिबिम्ब पुनरप्राप्ति, प्रतिबिम्ब मिश्रण (परिवर्तन खोज सहित), एनसीओ हेतु प्रतिबिम्ब/वीडियो प्रक्रमण तथा प्रतिबिम्ब-मानचित्र प्रदर्शन हेतु आदिप्ररूप अनुप्रयोग विकसित किए गए हैं। कल्पित वास्तविकता और चाक्षुषीकरण के क्षेत्र में, सीएआईआर ने इंटरऐक्टिव 3डी टेरेन फ्लाइथ्रू सॉफ्टवेयर तथा हैप्टिक्स आधारित लैप्रोस्कोपिक सर्जरी प्रशिक्षण किट तैयार की है।

      भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस)

      आईएनडीआईजीआईएस सैन्य अनुप्रयोगों के लिए विकसित की गई एक स्वदेशी भौगोलिक सूचना प्रणाली है। आईएनडीआईजीआईएस आकाशीय वस्तुओं जैसेकि डिजिटल वाहक मानचित्र, उपग्रह प्रतिबिम्ब, डिजिटल उत्थापन माडल और अनुगभीर डेटा का इलेक्ट्रॉनिक संचालन चार्टों के रूप में चाक्षुषीकरण, विश्लेषण और मापन में सहायक होता है।

      रोबोटिक विज्ञान

      सीएआईआर द्वारा गैंट्री, स्कारा तथा अन्य प्रकार के रोबो के लिए विविध नियंत्रक और परिचालक विकसित किए गए हैं। इनकी आपूर्ति सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों जैसेकि एचएएल तथा सहायक डीआरडीओ प्रयोगशालाओं को की गई थी। सीएआईआर स्वायत्त सक्षमता हासिल करने के उद्देश्य के साथ आदिप्ररूप मानव रहित भू वाहन (यूजीवी) का विकास कर रही है। इसमें सचल रोबो प्लेटफार्मों का अंतःगृह निर्माण, वाहन के साथ इन्फ्रारेड संवेदियों का एकीकरण और पथ योजना सॉफ्टवेयर का विकास तथा एकीकरण शामिल है। इस कार्य की एक उपयोगी प्रशाखा भिज्ञ व्हीलचेयर थी, जिससे चल फिर सकने में अक्षम लोगों को घर पर तथा अस्पताल में मदद मिलेगी। इस प्रकार की व्हीलचेयर को मानव की आवाज के आदेश पर चलाया जा सकता है। एक अन्य माडल में इसके पथ योजना के लिए आसपास के स्थल के बारे में जानकारी के लिए कैमरा प्रणाली का उपयोग किया गया है।
      सीएआईआर द्वारा विकसित अन्य रोबो गैर-विध्वंसकारी परीक्षण, आयुध लदान और तप्त लोष्ट संचालन के लिए हैं। टांगो वाले तथा पहिएदार दोनों प्रकार के लघु सचल रोबो विकसित किए गए हैं।

      संकेत प्रक्रमण

      सीएआईआर की एक प्रमुख गतिविधि संकेत प्रक्रमण है। इसमें वाणी संकेत प्रक्रमण पर बल दिया जाता है।
      वाणी कोडन के क्षेत्र में, लीनियर प्रिडिक्टिव कोडर (एलपीसी) आधारित आवाज कोडर विकसित किया गया है, जो 4 केएचजैड बैंड सीमित टेलीफोन गुणवत्ता अनुरूप वाणी को 2.4 केबीपीएस डिजिटल स्ट्रीम में कोडित किया जाता है।
      वाणी पहचान के क्षेत्र में, हम वक्ता स्वतंत्र वाणी पहचान तथा भाषा स्वतंत्र वक्ता पहचान कार्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

      तदर्थ नेटवर्क्स

      तदर्थ नेटवर्क्स में बेतार, अवसंरचना रहित और विकेंद्रीकृत (सेलुलर नेटवर्क्स के विपरीत) नेटवर्क्स शामिल होते हैं, जिनमें नोड्स होते हैं, जो अधिकलन निष्पादन तथा अपने समकालिकों के बीच डेटा का आदान-प्रदान कर सकते हैं। इस प्रकार तदर्थ नेटवर्क में नोड्स किसी परंपरागत कम्प्यूटर नेटवर्क में रूटर की भांति काम करते हैं।

      सैन्य परिदृश्य में उपयोग किए जाने वाले दो महत्वपूर्ण तदर्थ नेटवर्क मोबाइल एड-हॉक नेटवर्क्स (एमएएनईटी‘ज) तथा बेतार संवेदी नेटवर्क्स (डब्ल्यूएसएन) हैं। पहले की विशेषता नोड्स के मध्य डेटा/आवाज संचार उपलब्ध कराने वाले नोड्स की उच्च सचलता है जबकि पश्चवर्ती अपेक्षाकृत स्थैतिक नेटवर्क है जिसके नोड्स में संवेदी लगे होते हें जिसका वरण अनुप्रयोग पर निर्भर करता है।

      एमएएनईटी‘ज अस्थिर सत्ताओं जैसेकि सैनिकों का विखंडित प्लाटून, युद्धक्षेत्र में टैंक संचार इत्यादि के बीच आवाज और डेटा संचार उपलब्ध कराते हैं। उनकी भूमिका केवल जमीन तक सीमित नहीं है क्योंकि एमएएनईटी‘ज के नोड्स स्थल, समुद्र या हवा में अवस्थित हो सकते हैं। आवाज और डेटा संचार उपलब्ध कराने की ऐसी क्षमता से अस्थिर सत्ताओं जैसेकि सैनिकों का विखंडित प्लाटून, युद्धक्षेत्र में टैंक संचार तथा सैन्य विमानों इत्यादि के बीच स्थिति की जानकारी साझा की जा सकेगी।

      डब्ल्यूएसएन भौगोलिक रूप से विभाजित नोड्स में अवस्थित उपयुक्त संवेदियों के माध्यम से निगरानी की क्षमता प्रदान करते हैं। इस नेटवर्क की विशेषता कम शक्ति, अरक्षित नोड्स हैं, जो अपने निर्दिष्ट कार्यों के निष्पादन हेतु सहयोगपूर्ण ढंग से काम करते हैं। कम लागत की, सूक्ष्म आकार के एक उपकरण, जो नोड के रूप में काम करता है, से डब्ल्यूएसएन के अनुप्रयोगों में क्रांति ला दी है, जिनका दायरा साधारण सिविलियन से लेकर जटिल युद्धक्षेत्र अनुप्रयोगों तक विस्तृत है। डब्ल्यूएसएन द्वारा निगरानी किए जा रहे किसी भौगोलिक क्षेत्र में मानव/वाहन घुसपैठ का पता लगाने के लिए बाह्य परिधीय सुरक्षा उपलब्ध कराना डब्ल्यूएसएन का एक महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है।

      एमएएनईटी‘ज तथा डब्ल्यूएसएन का डिजाइन कार्य अत्यंत चुनौती भरा काम है। एमएएनईटी‘ज में नोड्स में उच्च विश्वसनीयता के संचार हेतु जटिल रूटिंग रणनीति की जरूरत होती है। डब्ल्यूएसएन के डिजाइन में अति संकीर्ण ऊर्जा उपलब्ध्ता के तहत रूटिंग करने की चुनौती होती है।

      एमएएनईटी‘ज तथा डब्ल्यूएसएन दोनों में सुरक्षा अति महत्वपूर्ण मुद्दा होता है, विशेषरूप से उनमें जो सैन्य अनुप्रयोगों में लगाए जाते हैं। इन नेटवर्क्स में सुरक्षा उपलब्ध कराने के कार्य में अनधिकृत नेटवर्क पहुंच, हमलों के बीच घिरा सैनिक, सेवा का इंकार, “की” जनन तथा वितरण इत्यादि चुनौतियों पर ध्यान देना होता है।

      सीएआईआर में अनुसंधान एवं विकास के प्रयास व्यवहार्य, विश्वसनीय, सुरक्षित एमएएनईटी‘ज तथा डब्ल्यूएसएन तैयार करने की दिशा में लक्षित हैं। संबद्ध परियोजनाओं पर कार्यरत वैज्ञानिकों द्वारा अनेक चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक किया गया है।

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