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  • डा. के. रामचंद, वैज्ञानिक 'एच', निदेशक (सेवानिवृत्त) को एएसडब्ल्यूएसी कार्यक्रम के माध्यम से वैमानिकी में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 1991 में भारतीय वैमानिकी सोसायटी द्वारा राष्ट्रीय वैमानिकी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • डा. के रामचंद, वैज्ञानिक 'एच'., निदेशक (सेवानिवृत्त) को 1988 में डीआरडीओ के उत्कृष्ट उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • डा. के. रामचंद, वैज्ञानिक 'एच', निदेशक (सेवानिवृत्त) को 1985 में डीआरडीओ द्वारा वर्ष का वैज्ञानिक घोषित किया गया।
  • श्री के. तमिलमानी, वैज्ञानिक. 'जी निदेशक' और उनकी टीम को रोटोडोम संशोधन और एचएएल एचएस-748 विमान के उड़ान परीक्षण के दौरान महत्वपूर्ण प्रयास की मान्यता में डीआरडीओ द्वारा 1992 और 1994 में उत्कृष्ट योगदान पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • श्री के. तमिलमानी, वैज्ञानिक. 'जी' निदेशक को डिजाइन में उत्कृष्टता के लिए भारतीय वैमानिकी सोसाइटी द्वारा डा. वीएम घाटके पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • श्री ए.सी. निरंजनप्पा, वैज्ञानिक 'ई' सहित एचएएल टीम को 24 फुट x 5 फुट एलिप्सोडायल 'ए' सैंडविच रोटोडोम के सफल स्वदेशी विकास में उनके योगदान के लिए 1995 में उत्कृष्ट डिजाइन और विकास के लिए आईएसएएमपीई पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • श्री ए वेंगदराजन, वैज्ञानिक 'ई' को इसरो टीम के साथ, अल्ट्रा लो साइडलोब एंटीना (यूएलएसए) के डिजाइन और विकास के लिए वर्ष 1998 के डॉ. बीरेन रॉय अंतरिक्ष विज्ञान और डिजाइन पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।
  • श्री एस सुकुमारन, टीओ'बी ' को विमान पर अस्त्र लदान ट्रॉली - भीमा 1000 के डिजाइन, विकास और निर्माण में अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए डीआरडीओ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पुरस्कार 1998 से सम्मानित किया गया।
  • श्री जी सिवागननाम, वैज्ञानिक, 'डी' को विमानस्थ एंटीना अभिविन्यास नियंत्रण के लिए मैग्नेटोस्ट्रिक्टिव एक्चुएटर के विकास में उनके योगदान के लिए सामग्री और प्रक्रिया अभियांत्रिकी की प्रगति की भारतीय सोसायटी (आईएसएएमपीई), बंगलौर द्वारा वर्ष 2000 के लिए स्मार्ट प्रौद्योगिकी विकास के लिए के सूर्यनारायण राव मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया।
  • श्री शिवामल्लु, एए 'सी' को पर्यावरण के संरक्षण में अपनी बहुमुखी सेवाओं के लिए कर्नाटक के माननीय राज्यपाल, श्री टी.एन. चतुर्वेदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 'राजीव गांधी पर्यावरण पुरस्कार 2004" से सम्मानित किया गया। पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र और 1 लाख रूपए की नकद राशि शामिल हैं।
  • डॉ. एस क्रिस्टोफर, वैज्ञानिक 'जी' को "माइक्रोवेव एंटेना और रडार सिस्टम" 'के क्षेत्र में उनके योगदान की मान्यता के रूप में "वर्ष 2004 के लिए डॉ. वीएम घाटगे पुरस्कार" से सम्मानित किया गया।
  • श्री बी.एम. सतिशा, वैज्ञानिक 'सी' को "स्व-निर्भरता (सेल्फ –रिलायंस) में उत्कृष्टता के लिए वर्ष 2006 के अग्नि पुरस्कार" से सम्मानित किया गया
  • डॉ. के दिव्यानन्द, आरपीआरओ को "वर्ष 2007 के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पुरस्कार" से सम्मानित किया गया।
  • डॉ. एस क्रिस्टोफर, निदेशक को भारत के पहले विमानस्थ एस-बैंड ट्रांसमिट-रिसीव मल्टी-मॉड्यूल(टीआरएमएम); भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए स्वदेशी सामुद्रिक गश्ती हवाई रडार, सुपरविज़न -2000 तथा भारत और विदेशों में रडार में विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए तरंगनिदेशक खांचेदार सरणी की डिजाइन एवं विकास में विशिष्ट योगदान के लिए आईटीई -आईआरएसआई (83) पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • श्री आर राजेश, वैज्ञानिक 'सी' को सफलतापूर्वक अत्याधुनिक एल्गोरिदम का उपयोग करने वाले एसएसआर के लिए संकेत संसाधक के विकास और अन्य उप-प्रणालियों के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत संसाधक के लिए 'युवा वैज्ञानिक पुरस्कार 2008" से सम्मानित किया गया। उन्होंने एक जीपीएस रिसीवर के लिए जामिंग-विरोधी तकनीक भी विकसित की है और एक हार्डवेयर परीक्षण स्थापना का उपयोग करते हुए वास्तविक समय (रियल टाइम)) में हस्तक्षेप निरस्तीकरण प्रदर्शन भी किया है।
  • श्री आर वासुदेव राव, ए.ए. 'ए' को डीआरडीओ मुख्यालय द्वारा "सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पुरस्कार 2009" से सम्मानित किया गया।
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